सिरपुर


श्रीपुर अर्थात सिरपुर समृद्धि कि नगरी ,महासमुंद जिले से लगा यह दिव्यास्थान छत्तीसगढ़ कि दिव्यता को प्रदर्शित करता है |प्राचीन समय बीत गया पर यहाँ पहुचने पर ऐसा लगता है हम प्राचीन समय में वापस लौट आये है |सिरपुर ५ वी से ८ वी शती के मध्य दक्षिण कौसल कि राजधानी हुआ करता था |६ वी से १० वी शदी में यह स्थल बौद्ध धर्म का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था |कहा जाता है ७ वी शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेनसांग यहाँ आये थे |सिरपुर का मुख्या आकर्षण ईटो से  निर्मित लक्ष्मण मंदिर  आनन्दकुटी विहार मुख्या है |लक्ष्मण मंदिर महाविष्णु  को समर्पित सोमवंशी राजा हर्ष गुप्त  कि विधवा रानी वासाटा द्वारा बनवाया गया है |लक्ष्मण मंदिर के समीप राम मंदिर है   जो भग्नावशेष है |आनन्दकुटी विहार बौद्ध धर्मार्थियो कि उपासना स्थली थी |मंदिर के ही समीप सोमवंशी राजाओ कि वंशावली को दर्शाने वाला मंदिर गंधेश्वर महादेव 
,चंडी मंदिर ,राधाकृष्ण मंदिर है यहाँ आज भी विहार में खुदाई में कई दुर्लभ प्रतिमाये शिलालेख निकल रहे है |























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